*🎬 MP-MLA टिकट 🎥*

📡A Short Film Script📽️


*SUBJECT :*

राजनीति में युवाओं की वास्तविक भागीदारी :*इस विषय को शिकायत या राजनीतिक आरोप की बजाय एक ऐसे युवा की कहानी के रूप में रखना बेहतर होगा, जो भीड़ का हिस्सा बनने से, आगे बढ़कर निर्णय लेने की मेज तक पहुँचता है। 8-10 मिनट की इस शॉर्ट फिल्म का अंत सामाजिक, प्रेरणात्मक, सकारात्मक और प्रेरक रखा है।*


मुख्य संदेश : 

*"युवा सिर्फ वोट देने वाला नहीं, देश की दिशा तय करने वाला भी है।”*


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*पात्र :*


1. विजय — 28 वर्षीय पढ़ा-लिखा युवा, सामान्य परिवार से, सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता।

2. वर्मा जी — वरिष्ठ राजनीतिक नेता, अनुभवी लेकिन शुरुआत में युवाओं को लेकर थोड़े संदेह में।

3. मीरा — विजय की मित्र और डिजिटल कैंपेन संभालने वाली युवा कार्यकर्ता।

4. चौधरी साहब — स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ता।

5. युवा कार्यकर्ता — 8–10 लड़के-लड़कियाँ।

6. जनता — ग्रामीण और शहरी मतदाता।


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*SCENE 1 - EXT. चुनावी मैदान — DAY*


(तेज धूप। एक बड़ी राजनीतिक रैली। हजारों की भीड़। युवा हाथों में झंडे लिए नारे लगा रहे हैं)


युवा :

*“युवा शक्ति—देश की शक्ति!”*

*“नेता जी जिंदाबाद!”*


(कैमरा धीरे-धीरे भीड़ से निकलकर विजय के चेहरे पर आता है)


विजय :

*(विजय नारे लगा रहा है, लेकिन उसकी आँखों में एक सवाल है-)*


CUT TO :


(विजय मंच की तरफ देखता है। मंच पर सभी बड़े नेता बैठे हैं। युवाओं की भीड़ नीचे है)


*आरव धीरे से मीरा से कहता है—*


विजय :

*“मीरा...हम हर रैली में सबसे आगे होते हैं।”*


मीरा :

*“हाँ।”*


विजय :

*“लेकिन फैसला लेने वाली जगह पर हम कहाँ होते हैं?”*


(मीरा चुप हो जाती है)


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*SCENE 2 - INT. पार्टी कार्यालय — EVENING*


(वरिष्ठ नेताओं की बैठक चल रही है। टेबल पर चुनावी क्षेत्र का नक्शा रखा है)


चौधरी साहब :

*“इस सीट पर उम्मीदवार कौन होगा?”*


(एक नेता दूसरे का नाम सुझाता है। फिर किसी प्रभावशाली परिवार के युवा नेता का नाम सामने आता है)


विजय :

*(बाहर खड़ा सब सुन रहा है। उसके चेहरे पर निराशा है-)*


(मीरा उसके पास आती है)


मीरा :

*“तुम्हें टिकट नहीं मिला तो क्या हुआ?”*


(विजय हल्की मुस्कान देता है)


विजय :

*“मुझे टिकट से ज्यादा एक मौका चाहिए।”*


मीरा :

*“किस चीज़ का?”*


(विजय दरवाजे की तरफ देखते हुए)


विजय :

*“ये साबित करने का कि राजनीति सिर्फ बड़े नामों की विरासत नहीं होती।”*


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*SCENE 3 - EXT. गांव की सड़क — DAY*


(विजय बाइक से गांव में पहुँचता है। एक सरकारी स्कूल के बाहर बच्चे बैठे हैं। एक युवक रोजगार की समस्या बता रहा है। एक किसान बिजली और सिंचाई की परेशानी बता रहा है)


विजय : 

*(सबकी बातें नोट करता है, भाषण नहीं देता। सिर्फ सुनता है)*


एक बुजुर्ग विजय से पूछता है :


बुजुर्ग :

*“बेटा, चुनाव कब है?”*


(विजय मुस्कुराता है)


विजय :

*“चुनाव तो बाद में है काका...पहले काम शुरू करते हैं।”*


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*SCENE 4 - MONTAGE — युवा अभियान*


*(तेज संगीत। युवा टीम काम करती दिखाई देती है-)*


- स्कूल की समस्याओं का डिजिटल सर्वे।

- बेरोजगार युवाओं का डेटा तैयार।

- गांव की सड़क और पानी की समस्याओं की रिपोर्ट।

- ऑनलाइन शिकायत अभियान।

- युवाओं की बैठक।

- महिलाओं से संवाद।

- स्थानीय प्रशासन को समस्याओं की जानकारी।

- सोशल मीडिया पर सकारात्मक जन-अभियान।


(मीरा लैपटॉप पर काम कर रही है)


मीरा :

*“हम सिर्फ पोस्ट नहीं डालेंगे।”*


विजय :

*“तो?”*


मीरा :

*“हर पोस्ट के साथ समाधान भी बताएँगे।”*


(विजय मुस्कुराता है)


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*SCENE 5 - INT. वरिष्ठ नेता का कार्यालय — DAY*


(वर्मा जी विजय की गतिविधियों की रिपोर्ट देख रहे हैं)


(एक सहयोगी बताता है)


सहयोगी :

*“सर, पिछले तीन महीनों में इस लड़के ने पूरे क्षेत्र में युवाओं की टीम खड़ी कर दी है।”*


(वर्मा जी पूछते हैं)


वर्मा जी :

*“कितने पैसे खर्च किए?”*


सहयोगी :

*“लगभग कुछ नहीं।”*


(वर्मा जी चौंकते हैं)


वर्मा जी :

*“फिर इतना काम कैसे?”*


(सहयोगी मुस्कुराता है)


सहयोगी :

*“पैसे से नहीं सर...भरोसे से।”*


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*SCENE 6 - INT. पार्टी कार्यालय — बैठक — DAY"


(वरिष्ठ नेताओं की बैठक। वर्मा जी विजय को बुलाते हैं। विजय अंदर आता है)


वर्मा जी :

*“विजय, राजनीति में सिर्फ जोश से काम नहीं चलता।”*


(विजय शांत स्वर में)


विजय :

*“सही कहा सर।”*


(वर्मा जी आगे कहते हैं)


वर्मा जी :

*“अनुभव भी चाहिए।”*


(विजय मुस्कुराता है)


विजय :

*“लेकिन सर...अनुभव जिम्मेदारी मिलने के बाद ही तो आता है।”*


(कमरे में सन्नाटा। वर्मा जी विजय को देखते हैं)


(विजय आगे कहता है-)


विजय :

*“अगर हम युवाओं को हमेशा कहते रहेंगे कि पहले अनुभव लेकर आओ...तो अनुभव मिलेगा कहाँ से?”*


(एक वरिष्ठ नेता विजय की बात सुनकर मुस्कुराता है


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*SCENE 7 - EXT. पार्टी कार्यालय — EVENING*


(विजय बाहर आता है। मीरा दौड़कर आती है)


मीरा :

*“क्या हुआ?”*


(विजय कुछ नहीं बोलता। हाथ में एक कागज है। मीरा कागज खोलती है)


उस पर लिखा है :


*“विधानसभा चुनाव — युवा उम्मीदवार”*


(मीरा की आँखों में खुशी)


मीरा :

*“टिकट मिल गया?”*


(विजय सिर हिलाता है)


विजय :

*“हाँ...लेकिन ये सिर्फ मेरा टिकट नहीं है।”*


(मीरा पूछती है)


मीरा :

*“फिर?”*


(विजय सामने खड़े युवाओं की तरफ देखता है)


विजय :

*“ये उन सभी युवाओं का मौका है, जो अब तक सिर्फ भीड़ में खड़े थे।”*


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*SCENE 8 - EXT. चुनावी क्षेत्र — DAY*


(चुनावी अभियान शुरू। विजय महंगी गाड़ियों के काफिले के बजाय युवाओं के साथ पैदल चलता है। लोगों से मिलता है)


एक बुजुर्ग विजय का हाथ पकड़ता है :


बुजुर्ग :

*“बेटा, जीतना जरूरी नहीं...लोगों के बीच रहना मत छोड़ना।”*


(विजय भावुक होकर सिर झुका देता है)


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*SCENE 9 - INT. चुनाव कार्यालय — NIGHT*


(युवा टीम लैपटॉप और मोबाइल पर काम कर रही है)


मीरा कहती है—


मीरा :

*“हमारा डिजिटल कैंपेन पूरे क्षेत्र में पहुँच गया।”*


विजय कहता है—


विजय :

*“डिजिटल कैंपेन सिर्फ चुनाव जीतने के लिए नहीं होना चाहिए।”*


मीरा :

*“फिर?”*


विजय :

*“चुनाव के बाद भी जनता से जुड़े रहने के लिए।”*


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*SCENE 10 - EXT. मतदान केंद्र — DAY*


(लोग मतदान करने आ रहे हैं। युवा पहली बार बड़ी संख्या में मतदान केंद्र की ओर जाते दिखाई देते हैं)


एक युवा दूसरे से कहता है—


युवा :

*“पहले हम नेताओं के लिए पोस्ट बनाते थे।”*


(दूसरा मुस्कुराता है)


दूसरा युवा :

*“अब अपने मुद्दों के लिए आवाज उठाएँगे।”*


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*SCENE 11 - INT. मतगणना केंद्र — DAY*


(नतीजे आने शुरू होते हैं। तनाव।विजय की टीम चुपचाप स्क्रीन देख रही है)


अचानक—


मीरा :

*“विजय!”*


(विजय मीरा की तरफ देखता है)


मीरा :

*“हम जीत गए!”*


(युवा खुशी से झूम उठते हैं।विजय कुछ क्षण शांत रहता है)


फिर हाथ जोड़कर कहता है—


विजय :

*“आज सिर्फ मैं नहीं जीता।”*


(कैमरा युवाओं पर)


विजय :

*“आज ये सोच जीती है कि युवा सिर्फ वोट बैंक नहीं हैं।”*


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*SCENE 12 -INT. विधानसभा — DAY*


(विजय पहली बार सदन में प्रवेश करता है। वह अपनी सीट पर बैठता है। उसके हाथ में एक छोटी डायरी है)


डायरी के पहले पन्ने पर लिखा है—


*“जनता ने मुझे पद नहीं, जिम्मेदारी दी है।”*


(विजय सदन में अपनी पहली बात रखता है)


विजय :

*“माननीय अध्यक्ष महोदय...”*


(कैमरा धीरे-धीरे पीछे जाता है।विजय की आवाज जारी रहती है)


विजय (V.O.) :

*“जिस युवा को आज हम अनुभवहीन कहते हैं, उसे अगर जिम्मेदारी देंगे...तो वही कल अनुभव के साथ देश का नेतृत्व करेगा।”*


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*FINAL SCENE - EXT. वही चुनावी मैदान — EVENING*


(कुछ महीने बाद। जहाँ पहले सिर्फ रैली और नारे थे, वहीं अब युवा एक सार्वजनिक संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। मंच पर विजय के साथ कई युवा बैठे हैं)


एक बच्चा हाथ उठाता है-


बच्चा :

*“भैया...मैं बड़ा होकर नेता बन सकता हूँ?”*


(विजय मुस्कुराता है)


उसके पास बैठी मीरा बच्चे से कहती है—


मीरा :

*“क्यों नहीं?”*


(विजय बच्चे के कंधे पर हाथ रखता है)


विजय :

*“बस एक बात याद रखना...नेता बनने से पहले अच्छा नागरिक बनना।”*


(कैमरा ऊपर उठता है। सैकड़ों युवा दिखाई देते हैं)


MESSAGE ON SCREEN :


*“युवा सिर्फ भीड़ नहीं हैं।”*

*“युवा सिर्फ वोट बैंक नहीं हैं।”*

*“युवा सिर्फ डिजिटल लेबर नहीं हैं।”*


एक अंतिम पंक्ति—

*“युवाओं को मौका दीजिए... अनुभव अपने आप पैदा होगा।”*


FADE OUT.


VOICE OVER :

*“देश की राजनीति में बदलाव सिर्फ चेहरों के बदलने से नहीं आएगा...*

*बदलाव तब आएगा, जब निर्णय लेने वाली मेज पर युवाओं की कुर्सी भी होगी।”*


THE END 

*www.kamerastories.com*

AK Singh 


*👉🏼NOTE : इस संदेश को अधिक से अधिक फॉरवर्ड करें, शायद कोई शूटिंग के काम में आर्थिक सहयोग के लिए तैयार हो जाए🙏🏼*

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