दृश्य 1 : गांव की गली
(पांच सहेलियां — आरती, निशा, पूजा, सिमरन और काजल हंसते हुए चल रही हैं)
आरती : "आज मौसम कितना अच्छा है, चलो नदी पर चलते हैं!"
काजल : "हाँ, बहुत मज़ा आएगा। काफी दिनों से कहीं घूमने भी नहीं गए।"
निशा (मोबाइल निकालते हुए) : "और आज ऐसी फोटो और वीडियो बनाऊंगी कि सब देखते रह जाएंगे।"
(सब जोर से हंस पड़ती हैं)
दृश्य 2 : नदी किनारा
(सभी पानी में उतरती हैं, मस्ती करती हैं)
पूजा : "वाह! पानी तो बहुत अच्छा लग रहा है।"
सिमरन : "लेकिन ज्यादा अंदर मत जाना, पानी कितना गहरा है पता नहीं।"
निशा : "अरे डरपोक! कुछ नहीं होगा। पहले एक बढ़िया सेल्फी लेते हैं।"
(सब एक साथ खड़ी होकर फोटो लेने लगती हैं)
निशा : "थोड़ा और पीछे आओ... फोटो अच्छी आएगी।"
आरती : "बस यहीं ठीक है।"
निशा : "नहीं, थोड़ा और..."
अचानक—
पूजा : "अरे... रुको... मेरा पैर फिसल गया!"
(पूजा घबराने लगती है)
पूजा : "बचाओ... मुझे तैरना नहीं आता!"
आरती : "पूजा... मेरा हाथ पकड़ो !"
काजल : "जल्दी... उसे पकड़ो!"
(घबराहट में बाकी लड़कियां भी संतुलन खोने लगती हैं)
सिमरन : "नहीं... घबराओ मत!"
दृश्य 3 : नदी किनारा
(कुछ ग्रामीण दौड़कर आते हैं)
ग्रामीण : "जल्दी आओ! कोई नदी में फंस गया है !"
दूसरा ग्रामीण : "रस्सी लाओ! जल्दी !"
(सब बचाने की कोशिश करते हैं)
दृश्य 4 : कुछ समय बाद
(गांव में सन्नाटा है)
एक बुजुर्ग व्यक्ति बच्चों से कहता है —
बुजुर्ग : "बेटा, जिंदगी बहुत कीमती है। कभी भी दिखावे और कुछ पलों के उत्साह में अपनी सुरक्षा को मत भूलना।"
स्क्रीन पर अंतिम संदेश :
"एक तस्वीर दोबारा ली जा सकती है,
लेकिन जिंदगी दोबारा नहीं मिलती।
सावधानी ही सबसे बड़ी समझदारी है....

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